मेहनत, लगन और सही अवसर मिले तो आर्थिक चुनौतियां भी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनतीं। राजगढ़ की छात्रा सलोनी जायसवाल ने अपनी मेहनत और एआईसीटीई प्रगति छात्रवृत्ति से मिले सहयोग के माध्यम से इस बात को साबित किया है। छात्रा सलोनी की शुरू से ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं तकनीकी विषयों में रुचि रही। इसी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, राजगढ़ से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार में डिप्लोमा किया। अध्ययन के दौरान उन्होंने प्रायोगिक कार्यों, परियोजनाओं एवं तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर अपने ज्ञान और कौशल को विकसित किया। शिक्षा के दौरान शैक्षणिक सामग्री, परियोजनाओं एवं अन्य आवश्यकताओं के खर्च में परिवार के लिए आर्थिक चुनौती सामने आई। ऐसे समय में एआईसीटीई प्रगति छात्रवृत्ति के अंतर्गत मिली 50 हजार रुपये की सहायता छात्रा सलोनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। छात्रवृत्ति की राशि से उन्होंने अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा किया और पढ़ाई एवं परियोजनाओं पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित किया।
मेहनत और छात्रवृत्ति से मिले सहयोग के साथ छात्रा सलोनी ने अपना डिप्लोमा सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी में बी.ई. की पढ़ाई शुरू की है। छात्रा सलोनी का यह सफर बताता है कि शिक्षा के क्षेत्र में मिलने वाला सहयोग प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देता है। प्रगति छात्रवृत्ति से मिली आर्थिक सहायता ने सलोनी की शिक्षा को गति दी और उन्हें अपने तकनीकी ज्ञान को आगे बढ़ाने तथा बेहतर भविष्य के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया।



