मुरैना जिले में बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं प्रजनन आयु की महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा एनीमिया एवं कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान आयोजित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 अक्टूबर 2026 को मुख्य चरण तथा 9 अक्टूबर 2026 को मॉप-अप राउंड आयोजित होगा। इस दौरान 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों तथा 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग की प्रजनन आयु की महिलाओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। अभियान के प्रभावी एवं शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला-बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के समन्वय से होगा दवा सेवन

जिला टीकाकरण अधिकारी (डीआईओ) डॉ. अजय गोयल ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला-बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के शासकीय एवं निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर दी जाएगी, जबकि 2 से 19 वर्ष के बच्चों एवं 20 से 49 वर्ष की महिलाओं को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। गर्भवती महिलाओं को एल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जाएगी।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) शंकर प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के दौरान मैदानी स्तर पर दवा सेवन एवं कवरेज की प्रगति की नियमित डिजिटल रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। जिले के सभी विकासखंडों एवं संबंधित केंद्रों को प्रत्येक दो घंटे में प्रगति की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसके माध्यम से जिला स्तरीय टीम अभियान की प्रगति की लगातार समीक्षा करेगी। इस व्यवस्था से ऐसे क्षेत्रों की तत्काल पहचान की जा सकेगी, जहां अभियान की गति अपेक्षाकृत कम है। ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी समय पर सुनिश्चित की जा सकेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं अंतर्विभागीय मैदानी अमले को अभियान का गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का उद्देश्य बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं प्रजनन आयु की महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ एनीमिया एवं कुपोषण की स्थिति में कमी लाना है।

सीएमएचओ डॉ. उपाध्याय ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला-बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों में सहयोग करें तथा पात्र बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं को अभियान के दौरान निर्धारित एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता जनभागीदारी और विभागों के आपसी समन्वय पर निर्भर है।