एम्स भोपाल के पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग ने 21 से 23 सितंबर 2026 तक मेडिकल छात्रों के लिए नौवें "स्कूल ऑफ ऑन्कोलॉजी" (कैंसर विज्ञान से संबंधित शिक्षण कार्यक्रम) का आयोजन किया।

देश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए हर भावी चिकित्सक के लिए विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों (मैलिग्नेंसी) की स्पष्ट समझ और बुनियादी जानकारी होना आवश्यक है। यह स्कूल ऑफ ऑन्कोलॉजी एक बहु-विषयक तीन दिवसीय शिक्षण कार्यक्रम रहा, जिसका केंद्र-बिंदु छात्रों की व्यावहारिक समझ बढ़ाना था। इसमें विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा नैदानिक एवं हस्तक्षेपात्मक मास्टर क्लास, सेमिनार एवं कार्यशालाएं, अस्पताल भ्रमण तथा ऑन्कोलॉजी क्षेत्र में प्रचलित नवीनतम निदान एवं उपचार तकनीकों का प्रदर्शन शामिल रहा।

इस कार्यक्रम को अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और देश के विभिन्न राज्यों से छात्रों ने इसमें भागीदारी की। छात्रों को कैंसर देखभाल के व्यापक पहलुओं जैसे निदान, प्रबंधन, संप्रेषण (कम्युनिकेशन), पोषण एवं मनोवैज्ञानिक पक्ष के बारे में जानकारी दी गई, विशेष रूप से मुख गुहा (Oral Cavity), स्तन (Breast), फेफड़े (Lung) एवं गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) जैसे सामान्य कैंसर से जुड़े विषयों पर। प्रत्येक प्रतिभागी छात्र ने ऑन्कोलॉजी से संबंधित एक नवोन्मेषी शोध विचार भी प्रस्तुत किया, जिनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों को पुरस्कृत किया गया।

समापन सत्र में एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. रजनीश जोशी, पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. नीलकमल कपूर तथा अध्यक्ष एवं पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. वैशाली वाल्के के मार्गदर्शन में सुचारु रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता में एम्स भोपाल के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ प्रतिष्ठित वक्ताओं एवं संसाधन संकाय के अथक प्रयासों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।