सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के (पीआईबी) एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), प्रादेशिक कार्यालय, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज हिंदी राजभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कार्यालय परिसर के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन संकायाध्यक्ष शास्त्री कोसलेन्द्रदास ने भारतीय भाषाओं के ऐतिहासिक व संवैधानिक विकासक्रम पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है। स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत देश में भाषाई चिंतन का नया दौर शुरू हुआ और राजभाषा समिति का गठन किया गया।

उन्होंने कहा कि हिंदी एक विशाल समुद्र की भांति समावेशी भाषा है, जो सबको अपने में समाहित कर लेती है। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, हिंदी को जब भी नवीन शब्दावली की आवश्यकता होती है, वह अपनी जननी संस्कृत से ही ऊर्जा और शब्द ग्रहण करती है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज विश्व के अनेक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन-अध्यापन हो रहा है तथा यह दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे भाषाई संकोच त्यागकर हिंदी में कार्य करें और नई पीढ़ी को भी अपनी भाषा में संवाद करने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर के निदेशक श्री अनुभव बैरवा ने कहा कि हिंदी केवल कुछ शब्दों या व्याकरण का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान का सशक्त प्रतीक है। यह हमारी पहचान है, हमारी मिट्टी की खुशबू है।

वर्तमान समय में हिंदी के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री अनुभव बैरवा ने कहा कि आज की डिजिटल क्रांति, सोशल मीडिया, सिनेमा और पत्रकारिता ने इसके दायरे को और अधिक विस्तृत कर दिया है। दुनिया भर में लोग हिंदी को जानने और समझने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा के प्रति गौरव का भाव रखते हुए इसे दैनिक कार्यशैली व व्यवहार में पूर्ण रूप से आत्मसात करना चाहिए।

श्री अनुभव बैरवा ने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभागीय प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान कार्मिकों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कविता एवं भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। केंद्रीय संचार ब्यूरो, प्रादेशिक कार्यालय, जयपुर की 7 इकाइयों के क्षेत्रीय प्रचार सहायकों, तकनीकी सहायकों एवं विभागीय कलाकारों ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यशाला में के उपनिदेशक श्री धर्मेश भारती ने मुख्य अतिथि, निदेशक महोदय एवं उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में कार्यालय के सभी कार्मिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।