जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. की 64वीं वार्षिक सर्वसाधारण बैठक कलेक्टर एवं प्रशासक श्री स्वप्निल वानखडे की अध्यक्षता में आज बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस अवसर पर बैंक से जुड़े निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी तथा सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, वसूली कार्य, जमा योजना, सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैंक के प्रबंधक द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर उपलब्धियों एवं चुनौतियों की जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री वानखडे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिला सहकारी बैंक जिले के किसानों, ग्रामीणों और सहकारी संस्थाओं से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान है। बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करते हुए ग्राहकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा कि जो सुविधायें राष्ट्रीयकृत बैंक को प्राप्त होती है वह सब हम प्रत्येक शाखा में उपलब्ध करा रहे है। हॉल ही में बसई एवं उनाव ब्रांच को हमने राष्ट्रीयकृत बैंक की तर्ज पर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि शाखा प्रबंधकों का सहकारी बैंक के कार्यों की तुलना केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों से करने के बजाय यह प्रयास होना चाहिए कि सहकारी बैंक की सेवाएं उनसे भी बेहतर हों।

उन्होंने कहा कि बैंक में आने वाले प्रत्येक ग्राहक के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैंक की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे अपने कार्य को केवल दायित्व के रूप में न लेते हुए सेवा भावना के साथ कार्य करें, ताकि आमजन में जिला सहकारी बैंक के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।

कलेक्टर ने बैंक की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ऋण वितरण के साथ-साथ ऋणों की समय पर वसूली पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाना आवश्यक है। उन्होंने बैंक प्रबंधन को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और छोटे व्यवसायियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के अंत में वित्तीय वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शाखाओं एवं संस्थाओं के ब्रांच मैनेजर, फील्ड ऑफीसर एवं समिति प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बैंक की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए तथा सहकारिता को जन-जन तक पहुँचाने पर जोर दिया।